प्रतिभाशाली अभिनेत्री स्वाति शाह, सोनी सब के ‘सात फेरों की हेराफेरी’ में नीतू टंडन के रूप में नजर आयेगी। नीतू का किरदार एक प्यार करने वाली पत्नी और एक मां का है। वह एक बेहतरीन कुक है। उसे खाना बनाना और खिलाना पसंद है, जिसे वह पड़ोसियों के साथ मिलकर तैयार करती है। वह हफ्ते में हर दिन अजीबोगरीब व्रत रखती है। वह अस्सी के दशक की एक पारंपरिक गृहिळी की तस्वीर पेश करती है, जो पति को परमे”वर मानती है। यहां अपने किरदार के बारे में स्वाति शाह ने खुलकर बात की।

आप इस शो में कौन-सा किरदार निभा रही हैं?

नीतू बहुत ही साधारळ इंसान है, जिसके जीवन में कोई उलझन नहीं है। उसके लिये उसका परिवार ही सबसे पहले है, जिसमें उसका पति और उसका ,एक बच्चा है। वह बाबाजी की अंधभक्त है और टेलीविजन शो पर वह जो भी बताते हैं उनकी सलाह को मानती है। बाबा जो कुछ भी बताते हैं, वह आंख मूंदकर उस रास्ते पर चलती है और वह बहुत ही अजीबोगरीब कर्मकांड करती है, जिसके बारे में किसी ने नहीं सुना होता है। उसकी यह आदतें उसके पति को चिढ़ाती है, लेकिन बाबाजी पर उसका विश्वास अटूट है। उसके जीवन का बस ,एक ही मकसद है, अपने परिवार की खुशी।

क्या आप वास्तविक जीवन में खुद को नीतू के साथ जोड़ पाती हैं?

एक साधारळ सी चीज है, जिसके मैं अपना जुड़ाव इस किरदार के साथ महसूस करती हूं। मैं परिवार से जुड़ी हुई इंसान हूं। मैं सबसे पहले अपने परिवार को प्राथमिकता देती हूं। जब भी मुझे छुट्टी मिलती है, मैं सारा दिन अपने परिवार के साथ बिताती हूं।

सामान्य धारावाहिकों में काम करने के बाद कॉमेडी में वापसी कर कैसा महसूस हो रहा है?

बहुत अच्छा महसूस हो रहा है! मैंने 2006 में प्लेटाइम क्रिएशन के साथ काम किया था। इसलिये, 10 साल बाद कॉमेडी करना एक अच्छा बदलाव है।

नीतू के किरदार को निभाने के लिये क्या आपने कोई खास तैयारी की है?

जी हां, नीतू टंडन एक पंजाबी महिला है और मैं एक गुजराती। लेकिन, मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे इतनी अच्छी क्रिएटिव टीम मिली है, जिसमें ज्यादातर पंजाबी हैं। उन्होंने मेरी मदद की। टीवी की दुनिया में कई सारे पंजाबी हैं, उन्हें देखकर उनसे सीखा जा सकता है।

आपको कौन-सा जोनर सबसे ज्यादा मजेदार लगता है?

मुझे कॉमेडी करना पसंद है लेकिन मैंने यह जोनर बहुत नहीं किया है। जिस दिन से मैं इस इंडस्ट्री में आई हूं, उस दिन से थियेटर से ज्यादा मुझे कॉमिक भूमिकाओं से डर लगता है। मैंने थियेटर में कॉमेडी की है लेकिन उसके बावजूद भी मुझे इसमें पूरा विश्वास नहीं है। लेकिन ईश्वर की कृपा है कि मुझे यह भूमिका मिली।

शेखरजी के साथ काम करने का अनुभव कैसा है?

शेखरजी एक बेहतरीन इंसान और को-स्टार हैं। उनका जोश पूरे दिन बना रहता है और आप उन्हें कभी भी थका हुआ या सुस्त नहीं देखेंगे। उनके आस-पास काफी सकारात्मकता रहती है। वह जब भी सेट पर होते हैं हम सबको हंसाते हैं और खूब धमाल होता है। वह बहुत ही बेहतरीन इंसान हैं। उनमें सीनियर होने का घमंड नहीं है और वह हर किसी से घुल-मिल जाते हैं। उनके साथ काम करना बड़ा ही सहज है। किसी सीन को लेकर यदि कोई संदेह होता है तो वह उसे आसान कर देते हैं और हमारे लिये परफॉर्म करना सरल हो जाता है।

क्या कोई एसी चीज है जो आपको पुरुष या आपके जीवन साथी में अच्छी नहीं लगती?

मैं शिकायत नहीं कर सकती क्योंकि मेरे पति काफी अच्छे हैं। लेकिन एक चीज जो मुझे शादीशुदा जोड़ो में अच्छी नहीं लगती कि उनमें आपसी समझ नहीं होती। एक-दूसरे को समझना बहुत जरुरी होता है। मुझे ,एसे पुरुष पसंद नहीं आते, जिनमें अहंकार होता है, जो महिलाओं पर शासन चलाते है।

 

मेधा पंड्या भट्ट

 

 

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